नए पैकेज माँगना बंद करो और खुद को नए माहौल में ढालना सीखो: स्मृति ईरानी

कोरोनावायरस और लॉकडाउन के काऱण देश की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है और इसी कारण इस कारण विभिन्न उद्योग सरकार से राहत पैकेज की मांग कर रहे हैं| केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने रविवार को कपड़ा उद्योग से नये माहौल में खुद को ढालने और सरकार से वित्तीय पैकेज मांगना बंद करने को कहा। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के काऱण सरकार के वित्त पर पहले से अच्छा-खासा दबाव है। उन्होंने मर्चेन्ट्स चैंबर ऑफ कामर्स ऐंड इंडस्ट्री के सदस्यों के साथ बातचीत में कहा, 'उद्योग के लिये यह समय आत्ममंथन का है। कपड़ा उद्योग पैकेज या समर्थन की मांग कर रहा है...अब समय नई दिशा और नई सोच का है। उद्योग के पास क्षमता है। अगर वे नये माहौल में खुद को ढालते हैं, उन्हें किसी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है।'ईरानी ने डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के लिये पिछले डेढ़ महीने में पीपीई (व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण) बनाये जाने का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कपड़ा कंपनी जेसीटी समूह ने 'लॉकडाउन' बंद के दौरान पंजाब में पीपीई के नमूनों की जांच के लिये औरंगाबाद स्थित प्रयोगशालाओं में भेजने में मदद का आग्रह किया और इसके लिये सरकार ने कंपनी की मदद की। कपड़ा मंत्री ने उद्योग मंडल के सदस्यों से कहा कि जो आप पैसे की उम्मीद करते हैं, वह लोगों का पैसा है और अब नागरिक एक-एक पाई का हिसाब मांगते हैं।
ईरानी ने आगे कहां उद्योग मंडल के सदस्यों से कहा कि जो आप पैसे की उम्मीद करते हैं, वह लोगों का पैसा है और अब नागरिक एक-एक पाई का हिसाब मांगते हैं। सरकार का काम नीति बनाना और समर्थन उपलब्ध कराना है।सरकार अपनी ओर से मदद के लिए हर संभव उपाय कर रही है। उन्होंने बताया कि रिजर्व बैंक पहले ही छूट दे चुका है और बैंक कंपनियों को संकट से पार पाने में मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कपड़ा मंत्रालय जूट उद्योग की मदद के लिए कार्य योजना तैयार करने को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार के साथ बातचीत कर रहा है। तो इस तरह बहुत सी बातें स्मृति ईरानी ने कहीं और हर संभव मदद करने की घोषणा की |
This article is written By: Vagisha Pandey(Indore)

0 Comments