प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजने की जगह पुलिस मार रहीं लात भूसे

देश में कोरोनावायरस के मामले हर रोज़ बढ़ रहे है रोज़ मरीज़ ठीक तो हो रहे है लेकिन मरीज़ कम होने का नाम नहीं ले रहे है| देश में अब कोरोना मरीज़ 70,000 तक पहुंच गए है | इस कोरोना महामारी में पुलिसकर्मी सबसे ज़्यादा लोगों की मदद कर रहे है दिन हो या रात घर छोड़कर वो जनता का ध्यान रख रहे है एक राज्य से दूसरे राज्य भेजने में उनकी मदद कर रहे है| वहीं कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में पुलिस के एक अधिकारी का भयानक चेहरा सामने आया है. बेंगलुरु में एक पुलिसकर्मी के घर भेजे जाने की मांग कर रहे प्रवासी मजदूरों के साथ बदसलूकी करने का मामला सामने आया है. यही नहीं, पुलिस अधिकारी का प्रवासी मजदूरों को लात मारने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. पुलिस अधिकारी को लात मारने और ऐसी बतमीज़ी और इस हरकत के लिए सस्पेंड भी कर दिया गया है. 
बता दें ये घटना तब हुई जब प्रवासी मजदूर बेंगलुरू के केजी हल्ली पुलिस थाने पर एकत्र हुए और सभी लोग मिलकर मांग करने लगे कि जब तक उनके उत्तर प्रदेश जाने का इंतज़ाम नहीं होता है वे सब लोग यहां से नहीं जाएंगे.वीडियो में ये सब दिख रहा है कि ASI राजा साहेब ने पहले प्रवासी मजदूरों को समझाने की कोशिश की, लेकिन फिर जब वे लोग नहीं माने तो ASI को गुस्सा आया उनका सब्र टूट गया तो उन्होंने थप्पड़ जड़े और दो लोगों को लात भी मारी. उनकी इस हरकत के लिए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है | पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी डॉक्टर एसडी शरणप्पा ने बताया, "ASI को सस्पेंड कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है."जैसा की आप सभी को पता है जो मजदुर दूसरे राज्यों में फंसे हुए है उन्हें अपने घर जाना है क्यों कि अभी हर जगह सभी काम बंद है ऐसे में उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है | ऐसे में  राज्य सरकारों के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को निकालने के लिए विशेष ट्रेनें चलाई हैं. लॉकडाउन की वजह से आर्थिक गतिविधियां बंद पड़ी है, जिसकी वजह से प्रवासी मजदूर अपने घर लौटने को मजबूर हैं.
This article is written By: Vagisha Pandey

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